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वेद, विज्ञान और एआई की एक साथ पढ़ाई, बक्सर में बनेगा बिहार का पहला गुरुकुलम

पटना
 पहली से इंटर तक एक साथ वेद, विज्ञान और एआई की पढ़ाई के लिए शिक्षा विभाग गुरुकुल परंपरा को केंद्र मे रख गुरुकुलम शुरू करने जा रहा। पहला गुरुकुलम बक्सर मे आरंभ होगा। जल्द ही इस आशय का प्रस्ताव शिक्षा विभाग द्वारा कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

जीयर स्वामी ने पांच एकड़ जमीन बक्सर में उपलब्ध कराई
इस महत्वाकांक्षी प्राेजेक्ट के लिए ख्यातिलब्ध संत जीयर स्वामी ने बक्सर सदर क्षेत्र में पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। यह भी कहा है कि गुुरुकुलम के लिए अगर कुछ और जरूरत होगी तो वह सहयोग करेंगे। शिक्षा विभाग जल्द ही इस बारे में बक्सर जिला प्रशासन को प्रस्ताव तैयार कराने को लिखा है। निर्माण भी गुरुकुल की शक्ल में होगा।

कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य और बंगलोर के सत्य साईं संस्थान से आएंगे शिक्षक
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि गुरुकुलम में बच्चों को शिक्षा देने के लिए दक्षिण भारत से शिक्षक आएंगे। कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य ने शिक्षक देने को आश्वस्त किया है।

इसी तरह बंगलोर स्थित सत्य साईं संस्थान भी बिहार में आरंभ होने वाले इस गुरुकुलम के लिए अपने शिक्षकों को भेजने की बात कही है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अध्ययनरत कुछ विद्यार्थियों ने भी गुरुकुलम में अपनी सेवा उपलब्ध कराने में रुचि दिखाई है।

पूरी तरह आवासीय हाेगा गुरुकुलम
गुरुकुलम की व्यवस्था पूरी तरह से आवासीय हाेगी। जो विद्यार्थी वहां रहेंगे उनके भोजन और बेहतर आवासन की व्यवस्था की जाएगी। उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों के आवास भी वहीं रहेंगे।

पहली से इंटर तक की पढ़ाई, सभी में 30-30 बच्चों के दो सेक्शन
गुरुकुलम में पहली से इंटर तक की पढ़ाई होगी। एक कक्षा के लिए 30-30 बच्चों का दो सेक्शन होगा। इनके पाठ्यक्रम अलग होंगे। इन्हें वेद, कर्मकांड, विज्ञान व एआई की शिक्षा दी जाएगी। अंग्रेजी व हिंदी साहि्त्य भी पढ़ाया जाएगा।

पूरी तरह से नि:शुल्क पढ़ाई की व्यवस्था
गुरुकुलम की पढ़ाई पूरी तरह से नि:शुल्क होगी। कम आय वाले परिवार से आने वाले बच्चों को नामांकन में प्राथमिकता मिलेगी। नामांकन की व्यवस्था के संचालन के लिए दक्षिण भारत से आने वाले शिक्षकों द्वारा सिस्टम तैयार किया जाएगा।

इंटर के बाद स्नातक तक की पढ़ाई का भी इंतजाम
इंटर के बाद स्नातक तक की पढ़ाई का भी इंतजाम गुरुकुलम में कराए जाने की भी योजना है। इस बारे में दिल्ली स्थित लाल बहादुर शस्त्री संस्कृत विश्वविद्यालय से बात की गयी है।

 

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