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पंजाब विधानसभा के तीसरे दिन विपक्ष का हंगामा, प्रश्नकाल के बीच कांग्रेस के नारे; बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का बड़ा एजेंडा

 चंडीगढ़
 पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन बुधवार को सुबह 10 बजे शुरू होगा। दिन की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल से शुरुआत होगी, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े सदस्यों के सवालों के जवाब सरकार देगी।

इसके बाद ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत विधायक बलकार सिंह सिद्धू बठिंडा जिले के भाई रूपा स्थित लेहरा थर्मल प्लांट से आने वाली 66 केवी बिजली लाइन पर बढ़ते ओवरलोड का मुद्दा उठाएंगे। वह इस संबंध में बिजली मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे।

सदन में टेबल पर विभिन्न वार्षिक रिपोर्टें भी रखी जाएंगी। इनमें पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वर्ष 2023-24 की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट शामिल है। इसके अलावा अमृतसर होटल लिमिटेड की वर्ष 2020-21 और 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट एवं लेखे सदन में पेश किए जाएंगे।

इसी प्रकार नीम चमेली टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स लिमिटेड की वर्ष 2020-21 और 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट एवं लेखे भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे। इसके अलावा बठिंडा विकास प्राधिकरण की वर्ष 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट भी सदन में प्रस्तुत की जाएगी।

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सरकार पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 को सदन में विचार के लिए पेश करेगी। सरकार इस विधेयक पर चर्चा के बाद इसे पारित कराने का भी प्रस्ताव रखेगी।

तीसरे दिन की कार्यवाही में प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, विभिन्न विभागों की वार्षिक रिपोर्टों की प्रस्तुति और संशोधन विधेयक पर चर्चा प्रमुख आकर्षण रहेंगे। राजनीतिक दलों के सदस्यों की ओर से विभिन्न जनहित और क्षेत्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की भी संभावना है।

कांग्रेस विधायकों ने लगाए नारे, प्रश्नकाल जारी

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेसी विधायकों ने रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने काम रोको प्रस्तावों पर सरकार से स्टेटस मांगा जिस पर स्पीकर में कहा कि जो प्रस्ताव कांग्रेसी विधायकों की तरफ से दिए गए हैं उन्हें स्वीकार किया जाता है। अब विधानसभा का प्रश्नकाल जारी है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह ने कहा कि खादों को लेकर सरकार की तरफ से कार्रवाई की जाती है। विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि अगर खाद चेक के दौरान नकली पाई जाती है तो रिटेलर के खिलाफ कारवाई नहीं की जाती है। उन्होंने कहा कि छोटे दुकानदारों के खिलाफ कारवाई जाती है। अगर मामलों में किसी बड़ी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उसकी भी जानकारी दी जानी चाहिए। कृषि मंत्री ने कहा कि दो बड़ी कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। साथ ही दो नोटिस भी दिए गए हैं। जहां कही भी अनदेखी सामने आती है तो कारवाई की जाती है।  

विधायकों का आरोप- उन्हें धक्के मारे गए

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। विपक्ष के विधायक पहले की तरह गले में काले पटके पहनकर सदन पहुंचे। उनका आरोप था। 

इस पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि सदन सभी विधायकों का सम्मान करता है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी कहा कि यदि किसी विधायक के सम्मान को ठेस पहुंची है तो मामले की जांच होगी।

वहीं, स्पीकर ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, विधायक बिक्रमजीत सिंह चौधरी समेत अन्य कांग्रेस विधायकों की ओर से दो 'काम रोको' प्रस्ताव दिए गए थे, जिन्हें नियमों के तहत अस्वीकार कर दिया गया।

पुलिस ने धक्के मारे, शीशा तक टूटा

नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों ने सुबह साढ़े नौ बजे विधानसभा के प्रवेश द्वार पर पंजाब की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदर्शन करने का कार्यक्रम रखा था। इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए दो काम रोको प्रस्ताव भी स्पीकर को भेजे गए थे।

बाजवा ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस विधायक तख्तियां लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे, तब पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया और उनके साथ धक्कामुक्की की। विधानसभा परिसर में प्रवेश के दौरान भी स्टाफ ने विधायकों के साथ धक्के दिए, जिससे उन्हें चोट भी लगी। बाजवा ने कहा कि विधायकों के कपड़ों तक पर हाथ डाला गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा का संरक्षक (कस्टोडियन) स्पीकर होता है। स्पीकर ने उनकी बात सुनी, लेकिन उन्हें इस मामले में कार्रवाई का स्पष्ट भरोसा नहीं मिला। बाजवा ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, उन्होंने कहा कि सीएम जनरल डायर की आत्मा आ गई है। क्योंकि वह जालंधर में उनके घर में रहते हैं।

जवाब गोलमोल है, मंत्री बोले- गेस्ट फैकल्टी को निकाल दे

कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से जुड़े एक सवाल पर सरकार से जवाब मांगा। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसका उत्तर दिया, लेकिन ढिल्लों ने जवाब को अधूरा और गोलमोल बताते हुए आपत्ति जताई। इस दौरान स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने विधायक से कहा कि वह अपना सवाल पूछें। इस पर काला ढिल्लों ने कहा, "मुझे बोलने का मौका मिलेगा, तभी तो मैं सवाल पूछ पाऊंगा।"

जवाब में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "क्या कांग्रेस चाहती है कि गेस्ट फैकल्टी को निकाल दिया जाए?" इसके बाद सदन में कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक का माहौल बना रहा।

 

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