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दर्दनाक हादसा: एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म होते ही बेटे की मौत, मां की गोद में तड़पता रहा युवक

मंडला

किसी भी प्रदेश के लोग या उस प्रदेश की सरकार ये नहीं चाहती, कि उनका प्रदेश इसलिए जाना जाए, कि एक बच्चे को ले जा रही एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने की वजह से उसकी मौत हो गई। मध्य प्रदेश के मंडला में ऐसा ही हुआ। यहां 21 साल के एक जवान एंबुलेंस में बैठकर इलाज के लिए जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही ऑक्सीजन खत्म हो गई। उस जवान बेटे ने तड़प-तड़पकर अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया।

सामने आया दर्दनाक वीडियो
मामला 27 जुलाई का है। 31 जुलाई को मामला तब सामने आया जब इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि मां और पिता तड़पते बच्चे को अपनी गोद में लिए हैं, और ऑक्सीजन खत्म हो जाने की वजह से उनका बेटा एंबुलेंस के अंदर एक अदद सांस लेने के लिए तरस रहा है और इसी तरह तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गई।

मां की गोद में तड़पकर तोड़ा दम
इस मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि मृतक का नाम अजीत बरैया था। वो बम्हनी पुलिस थाना क्षेत्र के सुनेहरा गांव का रहने वाला था। उन्होंने बताया कि मंडला जिला अस्पताल में अजीत की नियमित डायलिसिस करवाई जा रही थी। बेटे की हालत बिगड़ने पर परिवार ने एंबुलेंस बुलाई थी, लेकिन अस्पताल में पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म हो गई और युवक ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

अस्पताल में भी नहीं दी गई ऑक्सीजन
इस मामले पर बात करते हुए मृतक युवक के पिता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता ने कहा कि कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले जाते समय, सांस लेने में तकलीफ होने के बावजूद मरीज को ऑक्सीजन नहीं दी गई। कम्युनिटी सेंटर में ऑक्सीजन ना मिलने पर उनके बेटे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म हो गई, जिससे युवक ने मां की गोद में ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

'…तो बेटा बच जाता'
बेटे की मौत के बाद मृतक के पिता ने दुख जताते हुए कहा कि मेरा बेटा एंबुलेंस में सांस लेने के लिए तड़पकर मर गया। पिता ने बताया कि उन्होंने कॉल किया तो एंबुलेंस एक घंटे के बाद आई, और मंडला अस्पताल के रास्ते में ही एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म हो गई। पिता ने बताया कि ऑक्सीजन खत्म होने के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेटे की मौत होगई। पिता ने रोते हुए कहा कि अगर रास्ते में एंबुलेंस की ऑक्सीजन ना खत्म हुई होती, तो उनका बेटा बच जाता।

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