Headlines

Punjab News: ट्राईसिटी में लॉन्च होगी ‘भारत टैक्सी’, 11 हजार चालक जुड़े, यात्रियों को मिलेगा नया विकल्प

चंडीगढ़.

ट्राईसिटी में टैक्सी सेवा का नया विकल्प जल्द मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय की महत्वाकांक्षी भारत टैक्सी सेवा अगस्त के दूसरे सप्ताह में चंडीगढ़ से शुरू होने की तैयारी में है। फिलहाल अभी ट्राईसिटी के करीब 11 हजार टैक्सी चालकों का पंजीकरण किया जा चुका है और लगातार नए चालक इस प्लेटफाॅर्म से जुड़ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि भारत टैक्सी के शुभारंभ के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के चंडीगढ़ आने की संभावना है। हालांकि, उनके कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। गृह मंत्री शाह ही सहकारिता मंत्री हैं। सेक्टर-18 के टैगोर थियेटर में लॉन्चिंग कार्यक्रम रखा जाएगा। पंजाब के गवर्नर एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी मौजूद रहेंगे। परियोजना को सफल बनाने के लिए उन्नति कोआपरेटिव और सहकार भारती मिलकर टैक्सी चालकों का पंजीकरण, प्रशिक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी करा रहे हैं। केवल टैक्सी ही नहीं, बल्कि ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों को भी इस प्लेटफाॅर्म से जोड़ा जा रहा है, ताकि यात्रियों को कम दूरी के लिए भी सस्ती और सुविधाजनक परिवहन सेवा मिल सके।

इन शहरों में शुरू हो चुकी है सेवा
भारत टैक्सी की शुरुआत सबसे पहले दिल्ली-एनसीआर से की गई। इसके बाद गुजरात के अहमदाबाद, सूरत और राजकोट सहित कुछ अन्य शहरों में भी सेवा शुरू की जा चुकी है। अब चंडीगढ़ इस राष्ट्रीय नेटवर्क का अहम केंद्र बनने जा रहा है, जहां से पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के लिए भी इसका विस्तार किया जाएगा।

ओला-उबर से कैसे अलग है भारत टैक्सी
भारत टैक्सी को देश का पहला सहकारी (कोआपरेटिव) टैक्सी प्लेटफार्म माना जा रहा है। अन्य एग्रीगेटर कंपनियों की तरह इसमें ड्राइवरों से भारी कमीशन नहीं लिया जाएगा। इस माडल में टैक्सी चालक स्वयं सहकारी संस्था के सदस्य होंगे और व्यवस्था के हिस्सेदार भी बनेंगे। सरकार का दावा है कि इससे चालकों की आय बढ़ेगी और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी मिलेगा। यात्रियों के लिए भी यह माडल फायदेमंद माना जा रहा है। किराया अधिक पारदर्शी रहेगा और सर्ज प्राइसिंग जैसी शिकायतें कम होंगी। स्थानीय स्तर पर अधिक वाहन उपलब्ध होने से प्रतीक्षा समय घटने की भी उम्मीद है।

उन्नति कोआपरेटिव और सहकार भारती के अनुसार भारत टैक्सी की शुरुआत को शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो ट्राईसिटी के हजारों टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों को स्थायी रोजगार का बेहतर विकल्प मिलेगा, जबकि यात्रियों को कम लागत पर सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *