कॉमनवेल्थ सिल्वर मेडलिस्ट तुलिका मान डोपिंग नियम उल्लंघन में सस्पेंड

नई दिल्ली
ओलंपियन और कॉमनवेल्थ गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट तुलिका मान को नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने अपनी लोकेशन की जानकारी न देने (whereabouts failures) के कारण अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है।

इस सस्पेंशन की वजह से 27 साल की हैवीवेट जूडोका तुलिका मान ग्लासगो में होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर हो गई हैं। भारतीय जूडो टीम अभी स्कॉटलैंड के लिए रवाना भी नहीं हुई है। उनका मुकाबला 31 जुलाई से शुरू होगा। जूडो खिलाड़ी 27 जुलाई को रवाना होंगे।

सिल्‍वर मेडल जीता था
तुलिका मान ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। NADA ने पिछले 12 महीनों में तीन बार अपनी लोकेशन की जानकारी न देने के कारण यह कार्रवाई की। मान ने 2022 के गेम्स में 78kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था और ग्लासगो में भी उनसे मेडल जीतने की उम्मीद थी।

अरुण भी हुए थे फेल
एक जूडो कोच ने PTI को बताया, "उन्होंने 12 महीने के अंदर तीन बार अपनी लोकेशन की जानकारी नहीं दी है और NADA ने उन्हें नोटिस भेजा है। इसलिए उन्हें टीम से हटा दिया जाएगा।" गुरुवार को एक और जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार (-73kg) को भी कॉम्पिटिशन के बाहर हुए डोप टेस्ट में फेल होने के कारण हटा दिया गया था।

भारतीय जूडो प्‍लेयर 27 साल की तुलिका पिछले एक दशक से भारतीय जूडो के प्रमुख चेहरों में से एक रही हैं। कम उम्र में अपने पिता को खोने के बाद दिल्ली पुलिस की सब-इंस्पेक्टर अमृता द्वारा पाली-पोसी गई तुलिका ने 8 साल की उम्र में फुटबॉल छोड़कर जूडो को चुना। कोच यशपाल सोलंकी के मार्गदर्शन में उन्‍होंने जूडो में अपनी पहचान बनाई।

उनके करियर का निर्णायक क्षण 2022 में बर्मिंघम में आयोजित क्रॉस वर्ल्ड चैंपियनशिप में आया, जहां उन्होंने महिलाओं के 78 किलोग्राम से अधिक वर्ग में सिल्‍वर मेडल जीता और ऐसा करने वाली वह दूसरी भारतीय जूडो खिलाड़ी बनीं। बाद में उन्होंने घुटने की गंभीर चोट से जूझते हुए पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *