अमृतसर.
श्री हरि मंदिर साहिब परिसर स्थित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल में रविवार पंथक सम्मेलन शुरू हो गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं, संत-महापुरुषों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री भगवंत मान की विवादित वीडियो पर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
सम्मेलन में श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णयों के समर्थन में पंथक एकजुटता प्रदर्शित करने के साथ-साथ भविष्य की धार्मिक, सामाजिक और कानूनी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा हो रही है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से इस क्रम में बुलाए गए इस सम्मेलन को मौजूदा विवाद के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में विभिन्न पंथक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं और अलग-अलग विषयों पर अपने विचार रख रहे हैं।
संशोधन अधिनयम पर भी चल रही चर्चा
सम्मेलन के दौरान जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब संशोधित अधिनियम को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया जा रहा है। इस पर विस्तार से चर्चा की जा रही है कि आगे इस मामले को किस प्रकार धार्मिक और कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाया जाए। साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दिए गए निर्देशों के समर्थन में सामूहिक निर्णय लेने की दिशा में भी मंथन चल रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि उसका शिष्टमंडल पंजाब के डीजीपी से मुलाकात कर संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करेगा। सम्मेलन में इस प्रस्ताव पर भी चर्चा हो रही है कि पूरे मामले को केवल धार्मिक मुद्दे तक सीमित न रख कानूनी स्तर पर भी मजबूती से आगे बढ़ाया जाए।
जनजागरण अभियान चलाने पर हो रही चर्चा
सम्मेलन में यह भी चर्चा हो रही है कि संगत के बीच जनजागरण अभियान किस प्रकार चलाया जाए। जिसमें समाज के सभी वर्गों तक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है। धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस पंथक सम्मेलन में लिए जाने वाले निर्णयों पर पूरे पंजाब की नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि सम्मेलन के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी आगे की कार्रवाई और आंदोलन की रूपरेखा को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा कर सकती है।

